Saturday, 19 January 2019

उम्मीद

दुःख-सुख , हार -जीत
आशा-निराशा, आँसू-गीत
जीवन के डूबते - उतराते
सारे अच्छे-बुरे लम्हों के बीच
मैं तुम्हारे मन में रहना चाहती हूँ
एक उम्मीद की तरह..

कल आज और कल

आज जबकि महीनों तुम्हें बिना देखे गुजर जाते हैं हफ्तों तुम्हारी आवाज़ नहीं सुनाई देती पहरों तुम्हारे पास मेरे लिए कोई शब्द नहीं होते कल के लिए...